👉🏻 बिलासपुर की युवती के साथ हुई घटना
👉🏻कटनी रूट पर यात्रियों सहित महिला यात्री की सुरक्षा सवालों में, लूट के बाद जानलेवा हमला
बिलासपुर/कोरबा। ट्रेनों में यात्रियों खासकर महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। चिरमिरी-कटनी ट्रेन में सफर कर रही बिलासपुर की 25 वर्षीय युवती के साथ बोरीडांड स्टेशन के पास चलती ट्रेन में मारपीट, लूट और जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। घटना के बाद जीआरपी अनूपपुर में अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 309(6) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, बिलासपुर निवासी पायल…. 21 अगस्त को ट्रेन नंबर 61602 चिरमिरी-कटनी से अनूपपुर आ रही थीं। सुबह करीब 6:10 बजे ट्रेन बोरीडांड स्टेशन के पास पहुंची, तभी एक अज्ञात व्यक्ति पीछे से आया और उनका मुंह दबाकर मोबाइल तथा बैग छीन लिया। इसके बाद आरोपी ने युवती को चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया और खुद भी कूद गया।
युवती के आवेदन के मुताबिक आरोपी उसे घसीटते हुए सुनसान स्थान की ओर ले जाने लगा और बार-बार जमीन पर पटककर मारपीट की। हमले में उसके हाथ, पैर, कमर, घुटने और सिर में चोटें आईं। अपनी जान बचाने के लिए युवती ने पत्थर से आरोपी के सिर पर वार किया और वहां से भागकर बोरीडांड स्टेशन की ओर पहुंची। लोगों को देखकर आरोपी मौके से भाग निकला।
आरोपी युवती का बैग लेकर फरार हो गया। बैग में रियलमी कंपनी का मोबाइल, एयरटेल सिम, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, जूता, चश्मा, चार्जर और करीब 600 रुपये नकद बताए गए हैं। मोबाइल की कीमत करीब 13 हजार रुपये बताई गई है। पीड़िता ने कहा है कि आरोपी सामने आने पर उसकी पहचान कर सकती है।
👉🏻कटनी रूट पर निगरानी को लेकर बड़ा सवाल
यह घटना सिर्फ एक यात्री से लूट और मारपीट का मामला नहीं है, बल्कि ट्रेन के भीतर और रेलवे ट्रैक के आसपास यात्रियों की सुरक्षा तथा निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। चलती ट्रेन में एक अज्ञात व्यक्ति का महिला यात्री तक पहुंचना, सामान छीनना, उसे ट्रेन से नीचे फेंकना और फिर सुनसान इलाके में ले जाना सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठाता है।
खासकर चिरमिरी-कटनी रेल मार्ग जैसे लंबे रूट पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए जीआरपी और आरपीएफ की पेट्रोलिंग, संवेदनशील स्टेशनों के आसपास निगरानी तथा ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी है, यह सवाल अब सामने है।
👉🏻घटना के बाद कार्रवाई, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पर जवाब जरूरी
जीआरपी थाना शहडोल से प्राप्त केस डायरी और जीआरपी चौकी अनूपपुर में शून्य पर दर्ज केस की कार्रवाई के बाद मामला बिलासपुर जीआरपी तक भी पहुंचा है। पुलिस ने अपराध कायम कर विवेचना शुरू कर दी है और अज्ञात आरोपी की तलाश की जा रही है।
अब जांच के साथ यह भी महत्वपूर्ण होगा कि बोरीडांड के आसपास घटना के समय ट्रेन में सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी थी या नहीं, स्टेशन और आसपास के क्षेत्र में निगरानी कितनी थी तथा आरोपी ट्रेन में कहां से सवार हुआ था?
यात्री सुरक्षा के दावों के बीच इस घटना ने एक बार फिर यही सवाल खड़ा कर दिया है अगर चलती ट्रेन में महिला यात्री पर हमला कर उसे नीचे फेंक दिया जाता है, तो कटनी रूट पर सुरक्षा और निगरानी आखिर कितनी मजबूत है?जबकि लूटमार, चोरी आदि की घटनाएं इसी रूट पर ज्यादातर होती हैं। इसके अतिरिक्त ट्रेन में यात्रियों के मोबाइल, पर्स आदि की चोरी की वारदात तो सामान्य ही है। महीने भर में दर्जनों ऐसे मामले शासकीय रेलवे पुलिस दर्ज कर रही है।






