👉🏻 पिस्टल की नोक पर घर से अगवा ग्रामीण 72 घण्टे में सकुशल बरामद
👉🏻 20 लाख की फिरौती मांगने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 3 शातिर गिरफ्तार
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले के मरवाही थाना क्षेत्र में हुए एक सनसनीखेज अपहरण और 20 लाख रुपये की फिरौती के मामले का पुलिस ने महज़ 72 घंटों के भीतर भंडाफोड़ कर दिया है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए न केवल अपहृत ग्रामीण को सकुशल बरामद किया, बल्कि इस वारदात को अंजाम देने वाले एक बेहद शातिर अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को भी दबोच लिया है। आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल हथियार, जिंदा कारतूस और वीआईपी पासिंग वाली एक स्कार्पियो गाड़ी बरामद की गई है।
0 क्या है पूरा मामला? (वारदात की पृष्ठभूमि)
घटना 20 जून 2026 की सुबह लगभग 11 बजे की है। मरवाही थाना क्षेत्र के ग्राम उषाढ निवासी गिरीश यादव (पिता रंजित यादव, उम्र 41 वर्ष) अपने घर पर मौजूद थे। इसी दौरान एक बलेनो कार में सवार होकर आए अज्ञात बदमाशों ने उनके घर में धावा बोल दिया। बदमाशों ने गिरीश यादव की कनपटी पर पिस्टल तान दी और उन्हें जबरन घसीटते हुए कार में बैठाकर फरार हो गए। दिनदहाड़े हुए इस अपहरण से इलाके में दहशत फैल गई। घटना के तुरंत बाद पीड़ित की पत्नी ने मरवाही थाने पहुंचकर मामले की लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई।
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मरवाही थाने में अपराध क्रमांक 110/2026दर्ज किया। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 333, 140(3), 351(3), 3(5) और आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27 के तहत मामला कायम कर उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया।
0 पीछे छूटे मोबाइल पर आई फिरौती की कॉल
अपहरण की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पीड़ित गिरीश यादव का मोबाइल उनके घर पर ही भूल गए थे। कुछ समय बाद, इसी छूटे हुए मोबाइल पर अज्ञात नंबरों से धमकी भरे फोन आने शुरू हो गए। फोन करने वाले अज्ञात बदमाशों ने गिरीश यादव को सही-सलामत छोड़ने के एवज में 20 लाख रुपये (20,000,00/- रू.) की मोटी फिरौती मांगी। रकम न देने की स्थिति में उन्होंने गिरीश यादव को जान से मारने की सीधी धमकी दी।
0 हाईटेक ट्रैकिंग और पुलिस की संयुक्त रणनीति
फिरौती की कॉल आने के बाद पुलिस महानिरीक्षक (बिलासपुर रेंज) श्री रामगोपाल गर्ग के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक (GPM) श्री मनोज खिलारी के कड़े निर्देशन में एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अविनाश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में जिला साइबर सेल जीपीएम और मरवाही पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी मोर्चे पर काम शुरू किया।
पुलिस टीम ने फिरौती के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), टावर लोकेशन और संदिग्ध रूटों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले। डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए पुलिस को आरोपियों के सटीक ठिकानों और उनके अंतरराज्यीय रूट का पता चला। सुराग मिलते ही छत्तीसगढ़ पुलिस की विशेष टीमों को तुरंत विभिन्न पड़ोसी राज्यों के लिए रवाना किया गया।
अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, 3 राज्यों के आरोपी गिरफ्तार
विभिन्न राज्यों की पुलिस से समन्वय स्थापित कर मरवाही पुलिस ने घेराबंदी की और अपहृत गिरीश यादव को पूरी तरह सही-सलामत (सकुशल) बदमाशों के चंगुल से छुड़ा लिया।

मौके से पुलिस ने अपहरण में शामिल तीन आरोपियों को हिरासत में लिया, जिन्हें आज विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय मरवाही के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय से पुलिस ने आरोपियों की विस्तृत पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड हासिल कर ली है।
0 गिरफ्तार आरोपियों की प्रोफाइल:
- पुंडलिक केंद्रे (पिता लक्ष्मण केंद्रे, जाति बंजारी, उम्र 37 वर्ष) – निवासी: उमरगा (रेतू), थाना जलकोट, जिला लातूर (महाराष्ट्र)।
- चंद्रेशखर (पिता गंगाराम, उम्र 30 वर्ष) – निवासी: बाशनी जोधपुर, सरस्वती नगर ओम कालोनी, जिला जोधपुर (राजस्थान)।
- शेषपाल सिंह (पिता हरि प्रसाद सिंह, जाति यादव, उम्र 30 वर्ष) – निवासी: नगला भिक्की सुराया, थाना एंका, जिला फिरोजाबाद (उत्तर प्रदेश)।
नकली पुलिस बनकर घूम रहे थे आरोपी, हथियार बरामद
गिरोह के पास से जो सामग्रियां बरामद हुई हैं, उससे स्पष्ट होता है कि यह एक बेहद शातिर और संगठित गिरोह है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से निम्नलिखित सामान जब्त किया है:
अवैध हथियार: 01 नग पिस्टल और 06 नग जिंदा कारतूस।
लक्जरी वाहन: 01 स्कॉर्पियो-एन (Scorpio-N) वाहन, जिस पर बकायदा नीली बत्ती लगी हुई थी और आगे ‘’पुलिस’ लिखी हुई प्लेट लगी थी (ताकि टोल नाकों और राज्यों की सीमाओं पर चेकिंग से बचा जा सके)।
संचार उपकरण: 06 नग एंड्रॉइड मोबाइल फोन (जिनका उपयोग वे फिरौती और आपस में बातचीत के लिए कर रहे थे)।
सफलता पाने वाली पुलिस टीम
इस बेहद संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई को अंजाम देने में मरवाही एसडीओपी श्री राजेश देवांगन, मरवाही थाना प्रभारी निरीक्षक शैलेन्द्र सिंह, अजाक थाना प्रभारी निरीक्षक अंजना केरकट्टा, उपनिरीक्षक श्यामलाल गढेवाल, सुरेश ध्रुव, सनत मात्रे, और चौकी प्रभारी सिवनी नवीन मिश्रा की अहम भूमिका रही।
इसके साथ ही तकनीकी मोर्चे पर जिला साइबर सेल के प्रभारी सउनि मनोज हनोतिया, प्रधान आरक्षक रवि त्रिपाठी, आरक्षक दुष्यंत मसराम सहित मरवाही थाने के उपनिरीक्षक रोहित डहरिया, प्र.आर. मनोरंजन कुजूर, जगदीश नामदेव, गुलाब प्रजापति, अजय सिंह, अशोक गौतम, आरक्षक राजेश शर्मा, मनोज मरावी, महिला आरक्षक सरिता मरावी और नगर सैनिकों की उल्लेखनीय एवं सराहनीय भूमिका रही।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों से रिमांड के दौरान विस्तृत पूछताछ की जाएगी, जिससे इस अंतरराज्यीय गिरोह द्वारा देश के अन्य हिस्सों में की गई वारदातों और इनके फरार साथियों का सुराग मिल सके।






