👉🏻 जिंदा नाला से महज 100 मीटर के निकट पाटा जा रहा फ्लाई ऐश
👉🏻प्रधानमंत्री सड़क और नाला के अस्तित्व पर संकट गहराया
कोरबा। जिले के करतला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पीडिया में नियम विरुद्ध फ्लाई ऐश (राखड़) पाटा जा रहा हैं। इस मामले में ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत के उपरांत अधिकारियों के निर्देश पर नायब तहसीलदार देवेंद्र कुमार ने मौका मुआयना किया।
उन्होंने प्रारम्भिक तौर पर पाया कि राख का भंडारण और निस्तारण नियमों के विपरीत किया जा रहा है। नाला से काफी नजदीक राख की पटाई कराए जाने से नाला के अस्तित्व पर संकट उत्पन्न होगा। उन्होंने यहां पर काम कर रहे संबंधित लोगों से काम तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए। साथ ही इस दौरान उपस्थित संबंधित जिम्मेदार ने इस बात के लिए आश्वस्त किया कि उसके द्वारा आवश्यक सुधार कार्य कराया जाएगा ताकि नाला किसी तरह से प्रभावित न हो। हालांकि, तहसीलदार देवेंद्र कुमार के द्वारा इस कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का निर्देश तो दिया गया किंतु इसके बावजूद रात अंधेरे में धड़ल्ले से यहां राख पाटी जा रही है।तहसीलदार देवेंद्र कुमार ने बताया कि उनके द्वारा जांच प्रतिदिन तैयार किया जा रहा है और उसे उच्च अधिकारी को सौंप दिया जाएगा। उनके निर्देश के उपरांत अग्रिम कार्रवाई संभव होगी। फिलहाल, संबंधित लोगों को राख पाटने का कार्य रोकने के लिए कहा गया है। ग्राम कोटवार को भी इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि पीडिया के लो-लाइन एरिया में यह राख पाटने का कागज संबंधित के द्वारा दिखाया जा रहा है किंतु जहाँ राख पाटी जा रही है, वहां से एकदम नजदीक में नाला है जो जल का जिंदा स्त्रोत है। नियमतःकिसी भी नदी-नाले से निर्धारित 500 मीटर की दूरी में फ्लाई ऐश पाटना होता हैं लेकिन पीडिया में नाले से मात्र 100 मीटर के दूरी में राख पाटा जा रहा है।बरसात में पूरा राख नाला में बह जायेगा।
दूसरी तरफ राख परिवहन वाले भारी वाहन (ट्रांसपोर्टर श्री बालाजी कंस्ट्रक्शन) की आवाजाही गांव की प्रधानमंत्री सड़क से हो रही है। इसकी वजह से इस ग्रामीण सड़क की दुर्दशा होना तय माना जा रहा है।
इस तरह से फ्लाई ऐश का परिवहन और निस्तारण में निर्धारित मापदंडों पालन नहीं करते हुए जलस्त्रोत व ग्रामीण सड़क का अस्तित्व खतरे में डाला जा रहा है।





