0चौथी बरसी पर छलका पीड़ित परिवार का दर्द, सरकार और जिला प्रशासन की बेरुखी से नाराजगी
0आर्थिक तंगी और मानसिक प्रताड़ना झेल रहे परिवार ने लगाई वाजिब हक और अधिकारों की गुहार
महासमुंद/कोरबा। दिल को दहला देने वाली उस दुखद घटना को आज पूरे चार वर्ष बीत चुके हैं लेकिन पीड़ित हेमसागर महिलाने का परिवार आज भी न्याय और अपने वजूद की लड़ाई लड़ रहा है घटना के चार साल बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है ना तो प्रदेश सरकार और ना ही जिला प्रशासन ने इस पीड़ित परिवार की सुध लेने की जहमत उठाई है आज भी पूरा परिवार उस खौफनाक मंजर की यादों से उबर नहीं पाया है और व्यवस्था की बेरुखी के कारण दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है ।
आज स्वर्गीय हेमसागर महिलाने की चौथी बरसी के भावुक अवसर पर पीड़ित परिवार ने एक बार फिर अपना दर्द बयां किया नम आंखों से परिवार के सदस्यों ने सरकार और जिला प्रशासन के रवैये पर गहरे दुख और आक्रोश का इजहार किया ।
पीड़ित परिवार ने कहा कि चार साल का लंबा वक्त गुजर गया लेकिन हमारे आंसू पोंछने वाला कोई नहीं है हम सिर्फ अपने हक और वाज़िब अधिकारों की मांग कर रहे हैं जो हमें मिलने चाहिए शासन-प्रशासन की यह अनदेखी हमारे घावों पर नमक छिड़कने जैसी है ।
मुख्य मांगें और अपील
पीड़ित परिवार ने इस प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सरकार और जिला प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित मांगें पुरजोर तरीके से उठाई हैं:-
०१. वाजिब अधिकारों की बहाली:- परिवार को उनका कानूनी और नैतिक हक तुरंत दिया जाए ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें ।
०२. आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा:- चार सालों से दर-टक रहे परिवार को तत्काल प्रभाव से उचित सहायता और पुनर्वास की व्यवस्था की जाए ।
०३. उच्चाधिकारियों का हस्तक्षेप:- जिला प्रशासन के आला अधिकारी मामले को संज्ञान में लें और संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित कार्रवाई करें ।
पीड़ित परिवार ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि यदि उनकी जायज मांगों पर जल्द ही सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया तो वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आगे उग्र कदम उठाने को विवश होंगे परिवार ने तमाम सामाजिक संगठनों और मीडिया जगत से भी अपील की है कि वे इस न्याय की लड़ाई में उनका साथ दें ।





