👉🏻 बालाजी बर्तन के अवैध निर्माण के शिकायत की अनदेखी क्यों? पूरे निगम क्षेत्र में यही हाल
कोरबा। शहर क्षेत्र में सोमवार 29 दिसंबर 2025 को सुबह 6 बजे पावर हाऊस रोड में स्थित SS प्लाजा शॉपिंग कॉम्पलेक्स में लगी भीषण आग ने एक बार फिर व्यवसाईयों को दहला दिया। इस घटना ने 19 जून 2023 को टीपी नगर के शॉपिंग परिसर में लगी भयावह आग की याद ताजा करा दी। हालांकि दोनों घटनाओं में अंतर जनहानि को लेकर है किंतु आग लगने का जो कारण और उसके बाद आग बुझाने में आने वाली दिक्कत तथा निर्माण संबंधी अनदेखी को लेकर जो सवाल उस वक्त उठे थे, वही सवाल आज की घटना को लेकर भी उठे हैं।
नगर निगम/पालिका द्वारा निर्मित परिसर हो या निजी तौर पर संचालित व्यावसायिक परिसर, अवैध निर्माण ने नगर पालिक निगम कि उस व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है जिसका काम ऐसे अवैधानिक अतिक्रमित निर्माण की रोकथाम करना है।
सार्वजनिक कॉरिडोर में अवैध अतिक्रमण एवं छत पर नक्शा के विपरीत अवैध निर्माण की भरमार है,जो आज के मामले में भी दिखा।
निर्धारित मानक के अनुरूप निर्माण हेतु पास कराए गए नक्शा से कहीं अलग जाकर अपने मन अनुरूप कराए जाने वाले निर्माण कई बार ऐसे भयावह अग्निकांड और अन्य तरह की दुर्घटना/आपदा के बाद राहत बचाव रेस्क्यू कार्य में बाधा की वजह बन जाते हैं।
एसएस प्लाजा में जो अग्निकांड हुआ, उसमें कहीं ना कहीं बालाजी बर्तन के संचालक द्वारा कराये गए बेजा निर्माण के कारण आग को बुझाने में अग्निशमन कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। खुले स्थान पर भी निर्माण करा देने से अव्यवस्था निर्मित हुई जिसे यहां मौजूद लोगों ने भी महसूस किया। यह बात इस घटनाक्रम के बाद सामने आई कि डेढ़ साल पहले इस अवैध निर्माण के संबंध में नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त और जिला पुलिस अधीक्षक, थाना कोतवाली को पत्र लिखकर अवगत कराया जा चुका था। यदि, पुलिस विभाग इस मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता तो फिर भी नगर पालिक निगम की नैतिक जिम्मेदारी ऐसे मामले के संज्ञान में आने के बाद तत्काल कार्रवाई की बनती है। नगर निगम के आयुक्त से लेकर जोन कमिश्नर, भवन निर्माण अनुमति अधिकारी, अतिक्रमण दस्ता प्रभारी से लेकर उन तमाम लोगों की जिम्मेदारी थी कि वह ऐसे अतिक्रमण/ बेजा निर्माण को रोकते, कार्रवाई करते लेकिन ऐसा कहीं नहीं हुआ।
अब सवाल उठा है कि क्या डेढ़ साल पहले की गई शिकायत पर संज्ञान लेकर कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों पर, निगम अधिकारियों की गैर जिम्मेदाराना हरकतों और कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही पर उन्हें दंड मिलेगा? पद्मिनी ज्वेलर्स के संचालक जगदीश सोनी का कहना है कि यदि उनकी शिकायत पर उस समय कार्रवाई हुई होती तो संभवत: आज जो घटनाक्रम हुआ, उसके भयावहता और नुकसान का स्वरूप काफी कम हो सकता था। उनको हुए नुकसान की भरपाई आखिर किससे होगी?
👉🏻डेढ़ वर्ष पहले कराया गया था ध्यानाकर्षण,सोते रहे जिम्मेदार
जगदीश सोनी, पदमिनी ज्वेलर्स, एस. एस. प्लाजा, पावर हाउस रोड के संचालक ने 11 व 15 मार्च 2024 को जिला पुलिस अधीक्षक और नगर निगम आयुक्त से की गई शिकायत/आवेदन में बताया था कि- उनके बगल की दुकान बालाजी बर्तन भंडार के संचालक विकास अग्रवाल द्वारा पार्किंग स्थल के सार्वजानिक कॉरिडोर में रोजाना बर्तनों का भंडार बाहर निकाल के ब्लॉक कर दिया जाता है एवं इनके द्वारा उक्त पार्किंग स्थल पर ही बर्तनों को रखने हेतु अलमारी का निर्माण भी किया गया था। जिससे की पार्किंग स्थल पूरा घेर लिया गया है। साथ ही इनके द्वारा कॉम्प्लेक्स के प्रथम माले के सार्वजानिक कॉरिडोर में अवैध निर्माण एवं छत पर नक्शा के विपरीत अवैध कब्जा कर बड़ा शेड निर्माण किया गया है। बालाजी बर्तन भंडार के संचालक द्वारा बेतरतीब तरीके से बर्तनों एवं कार्टून माल को हमारे दुकान के समाने रख कर एवं सड़क तक की जगह को भर दिया जाता है, साथ ही उनकी मालवाहक गाड़ियों का दिनभर आवागमन और उक्त गाड़ियों को हमारे दुकान के सामने खड़ा कर दिया जाता है, जिससे हमारे ग्राहकों को गाड़ी खड़े करने हेतु उक्त स्थल पर जगह की कमी होती है और पार्किंग अव्यवस्थित हो रही है।
महोदय जी, लगभग एक सप्ताह पहले बालाजी भंडार के कर्मचारी द्वारा अपने आप को दुकान के सामने आग लगा लिया गया था, मिली जानकारी अनुसार जिसकी जांच चल रही है। पिछले वर्ष टी.पी. नगर स्थित कमर्शियल कॉम्प्लेक्स पर आगजनी हुई थी। जिसमें करोड़ो का नुकसान एवम् 3 व्यक्तियों की जान गई थी, जिसका मुख्य कारण नक्शा के विपरीत निर्माण था। इसी मामले में पुलिस द्वारा विभिन्न धाराओं के तहत F.I.R किया गया था।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल बालाजी बर्तन भंडार वालों के द्वारा ग्राउंड फ्लोर से छत तक एवम् पार्किंग स्थल में किए गए चबूतरे का अवैध निर्माण हटवाने की कृपा करें। साथ ही उक्त जाली को पूर्वानुसार लगे रहने दिया जाए ताकि भविष्य में पार्किंग व्यवस्था सुगम बनी रहे।









