👉🏻 कुदमुरा रेंज में वॉच टॉवर अधूरा,पैसा पूरा निकल गया
👉🏻एसडीओ से लेकर रेंजर,डिप्टी रेंजर,बीटगार्ड की मिलीभगत..!
कोरबा। कोरबा जिले में वन विभाग का कामकाज कागजों के भरोसे चल रहा है। कोरबा और कटघोरा वन मंडल अपनी अलग-अलग कहानी लगातार लिख रहे हैं जो समय-समय पर उजागर होता आया है। अभी पिछले दिनों कोरबा वन मंडल के भुलसीडीह में गुणवत्ताहीन वॉच टावर निर्माण का मामला प्रमुखता से उजागर किया गया लेकिन इस मामले में किसी भी तरह की कोई कार्रवाई, कोई जांच नहीं की गई। जबकि, गुणवत्ताहीन निर्माण के कारण एक मजदूर की जान जाते-जाते बची। हालांकि, वह जीवित है लेकिन एसडीओ से लेकर रेंजर की मनमानी और घटिया निर्माण के कारण घायल मजदूर राकेश खड़िया जिंदगी भर भारी काम के लायक नहीं रह गया। उसे मुख्य नियोजक रेंजर मृत्युंजय शर्मा के द्वारा उसके हाल पर छोड़ दिया गया है। यह मामला अभी विभाग की सुर्खियों में है कि एक और नया कारनामा उजागर हुआ है।
वनमण्डल के दक्षिण अनुविभाग अंतर्गत कुदमुरा वन परिक्षेत्र के गितकुंवारी में निर्माणाधीन वॉच टावर आज तक अधूरा है।
👉🏻 मार्च में पूर्ण होना था पूरा निर्माण
वन विभाग के रेगुलर फंड के लगभग 22 लाख रुपए की लागत वाले इस वॉच टावर का काम मार्च माह में ही पूरा हो जाना चाहिए था। आश्चर्य की बात है कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले वॉच टावर के निर्माण की पूरी राशि आहरण कर ली गई लेकिन जून की समाप्ति तक भी या ढांचा के रूप में खड़ा है और आधा-अधूरा नजर आ रहा है। निर्माण की गुणवत्ता तो देखते ही बनती है। निर्धारित मानकों को ताक पर रखकर कराये जा रहे निर्माण का निरीक्षण/ गुणवत्ता का परीक्षण देखने और जांचने की फुर्सत वन विभाग के अधिकारियों को नहीं है। एसडीओ (दक्षिण) की निगरानी व पर्यवेक्षण में यह सारा काम हो रहा है लेकिन वह भी खाया-पिया-पचाया की तर्ज पर वे रेंजर से लेकर अधीनस्थों को संरक्षण दिए हुए हैं, ऐसा कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी। सूत्र बताते हैं कि अधूरे निर्माण स्थल पर ना तो कोई निर्माण की सामग्री दूर-दूर तक नजर आ रही है और न ही यहां पर कोई कामकाज चल रहा है जिससे कि अधूरा निर्माण पूरा कराया जा सके।
यह और बात है कि खबर प्रकाशन के बाद अमला हरकत में आए और कार्य को पूर्णता की ओर ले जाए। वैसे, कार्य से ज्यादा अपने स्वार्थ को महत्व देने वाले गैर जिम्मेदार प्रवृत्ति के अधिकारियों और अधीनस्थों के कारण वन विभाग में लाखों नहीं बल्कि करोड़ों-अरबों का घोटाला हो रहा है। सरकार का खजाना विभिन्न मदों में खाली तो हो रहा है लेकिन धरातल पर यह कार्य या तो नजर नहीं आते और यदि नजर आते हैं तो ज्यादा समय के लिए लाभप्रदायक नहीं रहते, टूट जाते हैं और फिर पुनर्निर्माण, नए निर्माण के लिए मांग की जाती है।
हमारे समाचार सहयोगी द्वारा उक्त वॉच टॉवर कार्य से संबंधित जानकारी मांगने पर डिप्टी रेंजर सनत कुमार द्वारा रेंजर साहब से जानकारी मांगिये कहा गया। जब जानकारी लेने के लिए कुदमुरा रेंजर जी.एस. पैकरा को फोन किया गया तो उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया।







