👉🏻 सामानों की खरीदी में मनमानी की चर्चा,जाँच एजेंसी बिठाए जाने की जरूरत बता रहे जानकार
👉🏻 सीएमओ से लेकर सम्बन्धित अधिकारियों की भूमिका पर सवाल
कोरबा। जिले की नवगठित नगर पालिका परिषद बाँकीमोगरा में बड़े सुनियोजित आर्थिक घोटाला की सुगबुगाहट इन दिनों तेज हुई है। कुछ ना कुछ घोटाला जरूर हुआ है तभी तो यह बात पालिका के गलियारे से निकलकर आम होने लगी है। सामानों की खरीदी, टेंडर की प्रक्रिया, सक्षम संभागीय अधिकारी से अनुमोदन को लेकर कई तरह की शिकायतें सामने आ रही हैं। पालिका के जानकार लोगों का मानना है कि यदि शासन- प्रशासन के द्वारा स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष और ईमानदाराना जांच कराई जाए तो घोटाले की परतें खुलेंगी वरना सब कुछ दबा रह जाएगा।
नगर पालिका परिषद की पीआईसी की बैठक में विभिन्न एजेंडों पर चर्चा हुई और इसे पास करते हुऎ आगे बढ़ाया गया। इनमें सर्वाधिक चर्चा रिक्शा खरीदी को लेकर हो रही है जिसमें दो अलग-अलग फर्मों को 10-10 रिक्शा खरीदी के लिए चयनित किया गया है। लेकिन, इन दोनों फर्मों के रिक्शा की कीमतों में जमीन-आसमान का अंतर है। जब कम दर पर रिक्शा खरीदने के लिए एक फर्म को चयन किया गया तो उसी फर्म से पूरे रिक्शा की खरीदी ना करते हुए 10 रिक्शा दूसरे फर्म से ठीक दोगुने दम पर खरीदने की आखिर क्या आवश्यकता! पीआईसी ने महंगे दर पर रिक्शा खरीदने के प्रस्ताव को नामंजूर क्यों नहीं किया? इसे लेकर भी सवाल गहराया है।
पालिका के द्वारा 10-10 नग मैनुअल रिक्शा क्रय कर स्वच्छता शाखा हेतु प्रदाय करने का प्रस्ताव लाया गया। फर्म एम. के. इंटरप्राईजेस द्वारा 10 रिक्शा
न्युनतम दर 523000.00 रू.तथा फर्म श्री सालासार इंटरप्राईजेस के द्वारा ऐसे ही 10 नग रिक्शा की न्युनतम दर 288000.00 रु. बताया गया और पीआईसी ने दोनों के लिए स्वीकृति दे दी। यही सवाल है कि आखिर दोगुने दाम पर क्यों..?
👉🏻 एक नजर प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति पर
पालिका की पीआईसी द्वारा प्रस्ताव पारित होने के बाद, सक्षम प्राधिकारी (जैसे नगरीय प्रशासन विभाग के संयुक्त संचालक या संचालक) से इसकी प्रशासनिक (Administrative Approval) और वित्तीय स्वीकृति ली जाती है।
GeM पोर्टल या ई-टेंडर में स्वीकृत भण्डार क्रय नियमों के।अनुसार, 2.5 लाख से अधिक की किसी भी वाहन खरीदी के लिए Government e-Marketplace (GeM) के जरिए ही पारदर्शी पारचेज ऑर्डर जारी करना होता है। इस हेतु वार्ड पार्षद के द्वारा प्रस्तुत आवेदन के संबंध में विचार।
जेम पोर्टल के माध्यम से निकाय के कर्मचारियों तथा स्वच्छता दीदियों हेतु 208 नग रैनकोट क्रय, प्राप्त न्युनतम दर 236004.00 रू. फर्म निखिल ट्रेडिंग की स्वीकृति बाबत् विचार एवं निर्णय।
जेम पोर्टल के माध्यम से निकाय के कर्मचारियों तथा स्वच्छता दीदीयों हेतु 208 नग जूता कय प्राप्त न्युनतम दर 180000.00 रू. फर्म अंजानेया सेल्स, रायपुर की स्वीकृति बाबत् विचार एवं निर्णय।
जेम पोर्टल के माध्यम से 01 नग फिकल स्लज वैक्यूम एम्पीटियर मशीन कय हेतु प्राप्त न्युनतम दर 499999.00 रू. फर्म अंजानेया सेल्स, रायपुर की स्वीकृति बाबत् विचार एवं निर्णय।
जेम पोर्टल के माध्यम से 01 नग कोर कटिंग मशीन क्रय हेतु प्राप्त न्युनतम दर 149980.00 रू. फर्म अंजानेया सेल्स, रायपुर की स्वीकृति बाबत् विचार एवं निर्णय।
जेम पोर्टल के माध्यम से 34 नग आयरन बेंच क्रय हेतु प्राप्त न्युनतम दर 411600.00 रू. फर्म निखिल ट्रेडिंग की स्वीकृति बाबत् विचार एवं निर्णय।
जेम पोर्टल के माध्यम से 01 नग हॉपर टीप्पर वाहन कय जलशाखा हेतु प्राप्त न्युनतम दर 1295000.00 रू. फर्म एम. के. इंटरप्राईजेस की स्वीकृति बाबत् विचार एवं निर्णय।
जेम पोर्टल के माध्यम से 10 नग मैनुअल रिक्शा कय स्वच्छता शाखा हेतु प्राप्त न्युनतम दर 523000.00 रू. फर्म एम. के. इंटरप्राईजेस की स्वीकृति बाबत् विचार एवं निर्णय।
जेम पोर्टल के माध्यम से 10 नग मैनुअल रिक्शा कय स्वच्छता शाखा हेतु प्राप्त न्युनतम दर 288000.00 रु. फर्म श्री सालासार इंटरप्राईजेस की स्वीकृति बाबत् विचार एवं निर्णय।
विधायक निधि से वार्ड क्र 20 न.पा.प. बांकीमोंगरा में सांस्कृतिक गतिविधियों के लिये छोटे भवन एवं चौपाल (चबुतरा निर्माण) कार्य, लागत राशि 8.54 लाख हेतु प्राप्त न्युनतम दर की स्वीकृति विचार एवं निर्णय शामिल है।
👉🏻 नियमों का पालन जाँच का विषय
ऐसे में यह जांच का विषय है कि बांकी मोंगरा नगर पालिका में अब तक हुई खरीदी के दौरान संबंधित नियमों का पालन किया गया या नहीं? क्या खरीदी की आवश्यकता दर्ज की गई थी? क्या सक्षम अधिकारी से स्वीकृति प्राप्त की गई? क्या निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कोटेशन, निविदा अथवा अन्य लागू खरीद प्रक्रिया अपनाई गई? क्या सामग्री की आपूर्ति, गुणवत्ता और भुगतान से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध हैं? इन सवालों का जवाब खरीदी से संबंधित फाईलों, स्वीकृति आदेशों, बिलों, भुगतान अभिलेखों और स्टॉक रजिस्टर की जांच से मिल सकता है। हालांकि पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों का दावा है कि सारा कामकाज और खरीदी नियमों के तहत ही की गई है।
👉🏻 RTI में जानकारी देने से आनाकानी
नगर पालिका परिषद बांकी मोगरा में जनहित और वित्तीय पारदर्शिता को ताक पर रखकर दस्तावेजों को दबाने के मामले में RTI कार्यकर्ता जितेन्द्र कुमार साहू द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत मांगी गई वित्तीय वर्ष 2025-26 की बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण जानकारियां देने से निकाय के जिम्मेदार अफसर कतरा रहे हैं। RTI कार्यकर्ता द्वारा मांगी गई जानकारियों से नगर पालिका प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं।
HDFC बैंक, उत्कर्ष बैंक, इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक आदि के वित्तीय वर्ष 2025-26 के बैंक स्टेटमेंट। वर्ष 2025-26 की मुख्य कैश बुक के साथ-साथ अन्य सभी सहायक कैश बुक की सत्यापित प्रतियां। निकाय द्वारा किए गए खर्चों के समस्त बिल और वाउचर की सत्यापित प्रतियां मांगी गई हैं
08 जून 2026 को RTI अधिनियम की धारा 6(3) के तहत जन सूचना अधिकारी लेखा अधिकारी, सुजीत कुमार मेहता के पास आवेदन जमा किया गया।नियमानुसार 30 दिनों में जानकारी न मिलने और भ्रामक/अधूरी जानकारी दिए जाने के विरोध में प्रथम अपीलीय अधिकारी मुख्य नगरपालिका अधिकारी के समक्ष धारा 19(1) के तहत प्रथम अपील दायर की गई। प्रथम अपीलीय अधिकारी द्वारा भी कोई संतोषजनक निराकरण न करने पर व्यथित होकर आवेदक ने छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग रायपुर के समक्ष धारा 19(3) के तहत द्वितीय अपील प्रस्तुत कर दी है।
👉🏻महालेखाकार से होगी शिकायत,विशेष ऑडिट जांच की मांग
प्रकरण में वित्तीय अनिमियतताओं और दस्तावेजों की लीपापोती की आशंका को देखते हुए आवेदक जितेन्द्र कुमार साहू ने कहा है कि अब प्रधान महालेखाकार लेखा संपरीक्षा, छत्तीसगढ़ को पत्र सौंपकर बांकी मोगरा नगर पालिका परिषद के वित्तीय वर्ष 2025-26 के समस्त आय-व्यय, कैश बुक और बैंक खातों की स्पेशल ऑडिट कराने की मांग करने जा रहे हैं। आवेदक का कहना है कि सार्वजनिक धन के इस संदिग्ध उपयोग की परतें उधेड़ने के लिए महालेखाकार द्वारा निष्पक्ष जांच ही एकमात्र रास्ता है






