Saty SanwadSaty SanwadSaty Sanwad
  • HOME
  • CHHATTISGARH
    • Balod
    • Baloda Bazar
    • Balrampur
    • Bastar
    • Bemetara
    • Bijapur
    • Bilaspur
    • Dantewada
    • Dhamtari
    • Durg
    • Gariaband
    • Gaurella-Pendra-Marwahi
    • Janjgir-Champa
    • Jashpur
    • Kabirdham
    • Kanker
    • Khairagarh-Chhuikhadan-Gandai
    • Kondagaon
    • KORBA
    • Koriya
    • Mahasamund
    • Manendragarh-Chirmiri-Bharatpur
    • Mohla-Manpur-Chowki
    • Mungeli
    • Narayanpur
    • Raigarh
    • Raipur
    • Rajnandgaon
    • Sakti
    • Sarangarh-Bilaigarh
    • Sukma
    • Surajpur
    • Surguja
  • TOP STORY
  • NATIONAL
  • CRIME
  • ENTERTAINMENT
Search
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: स्कूलों में युक्तियुक्तकरण क्यों जरूरी, बताया सरकार ने
Share
Sign In
Notification
Font ResizerAa
Font ResizerAa
Saty SanwadSaty Sanwad
  • HOME
  • CHHATTISGARH
  • TOP STORY
  • NATIONAL
  • CRIME
  • ENTERTAINMENT
Search
  • HOME
  • CHHATTISGARH
    • Balod
    • Baloda Bazar
    • Balrampur
    • Bastar
    • Bemetara
    • Bijapur
    • Bilaspur
    • Dantewada
    • Dhamtari
    • Durg
    • Gariaband
    • Gaurella-Pendra-Marwahi
    • Janjgir-Champa
    • Jashpur
    • Kabirdham
    • Kanker
    • Khairagarh-Chhuikhadan-Gandai
    • Kondagaon
    • KORBA
    • Koriya
    • Mahasamund
    • Manendragarh-Chirmiri-Bharatpur
    • Mohla-Manpur-Chowki
    • Mungeli
    • Narayanpur
    • Raigarh
    • Raipur
    • Rajnandgaon
    • Sakti
    • Sarangarh-Bilaigarh
    • Sukma
    • Surajpur
    • Surguja
  • TOP STORY
  • NATIONAL
  • CRIME
  • ENTERTAINMENT
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.

स्कूलों में युक्तियुक्तकरण क्यों जरूरी, बताया सरकार ने

Admin
Last updated: 21/05/2025 4:52 PM
Admin
Share
4 Min Read
SHARE

रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा की व्यवस्था को बेहतर और ज्यादा प्रभावशाली बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया शुरू की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह है कि जहां जरूरत है वहां शिक्षक उपलब्ध हों और बच्चों को अच्छी शिक्षा, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और बेहतर सुविधाएं मिल सकें। युक्तियुक्तकरण का मतलब है स्कूलों और शिक्षकों की व्यवस्था को इस तरह से सुधारना कि सभी स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात संतुलित हो और कोई भी स्कूल बिना शिक्षक के न रहे।

- Advertisement -

    0 वास्तविक स्थिति

    - Advertisement -

      राज्य की 30,700 प्राथमिक शालाओं में औसतन 21.84 बच्चे प्रति शिक्षक हैं और 13,149 पूर्व माध्यमिक शालाओं में 26.2 बच्चे प्रति शिक्षक हैं, जो कि राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर है। हालांकि 212 प्राथमिक स्कूल अभी भी शिक्षक विहीन हैं और 6,872 प्राथमिक स्कूलों में केवल एक ही शिक्षक कार्यरत है। पूर्व माध्यमिक स्तर पर 48 स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं और 255 स्कूलों में केवल एक शिक्षक है। 362 स्कूल ऐसे भी हैं जहां शिक्षक तो हैं, लेकिन एक भी छात्र नहीं है।

      इसी तरह शहरी क्षेत्र में 527 स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात 10 या उससे कम है। 1,106 स्कूलों में यह अनुपात 11 से 20 के बीच है। 837 स्कूलों में यह अनुपात 21 से 30 के बीच है। लेकिन 245 स्कूलों में यह अनुपात 40 या उससे भी ज्यादा है, यानी छात्रों की दर्ज संख्या के अनुपात में शिक्षक कम हैं।

      0 युक्तियुक्तकरण के क्या होंगे फायदे

      जिन स्कूलों में ज्यादा शिक्षक हैं लेकिन छात्र नहीं, वहां से शिक्षकों को निकालकर उन स्कूलों में भेजा जाएगा जहां शिक्षक नहीं हैं। इससे शिक्षक विहीन और एकल शिक्षक वाले स्कूलों की समस्या दूर होगी। स्कूल संचालन का खर्च भी कम होगा और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा। एक ही परिसर में ज्यादा कक्षाएं और सुविधाएं मिलने से बच्चों को बार-बार एडमिशन लेने की जरूरत नहीं होगी। यानी एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल संचालित होंगे तो प्राथमिक कक्षाएं पास करने के बाद विद्यार्थियों को आगे की कक्षाओं में एडमिशन कराने की प्रक्रिया से छुटकारा मिल जाएगा। इससे बच्चों को पढ़ाई में निरंतरता बनी रहेगी। बच्चों के स्कूल छोड़ने की दर (ड्रॉपआउट रेट) भी घटेगी। अच्छी बिल्डिंग, लैब, लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं एक ही जगह देना आसान होगा।

      शिक्षा विभाग ने कतिपय शैक्षिक संगठनों द्वारा युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पर उठाए गए भ्रामक सवालों के संबंध में स्पष्ट किया है कि युक्तियुक्तकरण का मकसद किसी स्कूल को बंद करना नहीं है बल्कि उसे बेहतर बनाना है। यह निर्णय बच्चों के हित में, और शिक्षकों की बेहतर तैनाती के लिए लिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल राज्य की शिक्षा व्यवस्था को ज्यादा सशक्त और संतुलित बनाएगी। युक्तियुक्तकरण से न सिर्फ शिक्षकों का समुचित उपयोग होगा, बल्कि बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी मिल सकेगी।

              Share This Article
              Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Copy Link Print
              Share
              Previous Article SDM मार्बल सहित 7 पर होगी FIR,मुआवजा घोटाला में नपेंगे कई लोग
              Next Article KORBA की युवती से चाम्पा में गैंगरेप,करतला में ट्रक से दबोचे गए आरोपी
              KORBA:श्वेता हॉस्पिटल में अवैध वसूली ! आयुष्मान योजना के नाम पर गोरखधंधा
              14/05/2026
              KORBA: मेन रोड में गिरी पेड़ की डाल,चलती कार चपेट में,बाल-बाल बचे राहगीर
              14/05/2026
              हैवानियत:खून की होली खेली पिता-पुत्र ने,संपत्ति विवाद 4 लोगों का काल बना
              14/05/2026
              NEET परीक्षा रद्द: छात्रों के समर्थन में आया Physics Wallah, 15 मई से शुरू होंगी RE-NEET 2026 के लिए Free Classes एवं Test Series.
              14/05/2026
              KORBA की यह घटना सबक है:रील के चक्कर में जान न गँवाईए…आप अपने परिवार के लिए कीमती हैं
              14/05/2026
              KORBA:पेंशन दिलाने पंच ने ली रिश्वत, अधिकारियों का नाम लेकर 9 हजार ऐंठे परित्यक्ता से
              14/05/2026
              CG BREAK:रायगढ़ में ब्लैक मनी का नेटवर्क ध्वस्त,1करोड़ से अधिक बरामद,नोट गिनने की मशीन भी
              14/05/2026
              KORBA BREAK:102 नग विद्युत खम्भों के चोर धरम व राजा की दहशत पर शिकंजा,जेल भेजे गए
              13/05/2026
              Saty Sanwad

              SATYANARAYAN PAL

              Editor

              Mob : +91-9151305911
              Email : satysanwad2023@gmail.com
              Address : Korba Chhattisgarh 495677

              UDYAM-CG-10-0016159

              Important Page

              • About Us
              • Contact Us
              • Disclaimer
              • Privacy Policy
              • Terms and Conditions

              श्री गणेशाय: नमः

              छत्तीसगढ़ की खबरें प्राथमिकता से प्रकाशित की जाती है, जिसमें जनहित की सूचनाएँ, समसामयिक घटनाओं पर आधारित खबरें प्रकाशित की जाती है। साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री (समाचार / फोटो / वीडियो आदि) शामिल होती। SATYSANWAD.COM इस तरह के सामग्री के लिए कोई जिम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। साइट में प्रकाशित किसी सामग्री के लिए संबंधित खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा। इसके लिए SATYSANWAD.COM या उसके स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक एवं संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी।

              © Copyright 2025, All Rights Reserved | SATYSANWAD | Managed by Nimble Technology

              Welcome Back!

              Sign in to your account

              Username or Email Address
              Password

              Lost your password?